🏜️ राजस्थान का भौतिक विभाजन
प्रागैतिहासिक पृष्ठभूमि • भौतिक प्रदेश • मरुस्थल • अरावली • पठार
पेंजिया से थार मरुस्थल तक — राजस्थान के भू-भागों का संपूर्ण भौगोलिक स्वरूप।
🌍 प्रागैतिहासिक भूगर्भीय पृष्ठभूमि
प्रागैतिहासिक काल (पाषाण काल) में सम्पूर्ण विश्व एक विशाल पिण्ड के रूप में था — पेंजिया (Pangea)। इसके चारों ओर पेंथालासा सागर फैला था। बाद में पेंजिया दो भागों में विभक्त हुआ:
अंगारा लैण्ड (उत्तरी भाग) तथा गोंडवाना लैण्ड (दक्षिणी भाग)। इन दोनों के मध्य टेथिस सागर स्थित था। राजस्थान में गोंडवाना लैण्ड तथा टेथिस सागर के अवशेष पाए जाते हैं।
📚 राजस्थान के भौतिक प्रदेश (विभिन्न विद्वानों के अनुसार)
🔹 वी.सी. मिश्रा (पुस्तक: राजस्थान का भूगोल) — 7 प्रदेश
1. पश्चिमी शुष्क प्रदेश
2. अर्द्धशुष्क प्रदेश
3. नहरी प्रदेश
4. अरावली प्रदेश
5. पूर्वी कृषि-औद्योगिक प्रदेश
6. दक्षिण-पूर्वी कृषि प्रदेश
7. चम्बल बीहड़ प्रदेश
🔹 हरिमोहन सक्सेना (पुस्तक: राजस्थान का भूगोल) — 4 प्रमुख प्रदेश
1. पश्चिमी मरूस्थलीय प्रदेश
2. अरावली पर्वतीय प्रदेश
3. पूर्वी मैदानी प्रदेश
4. दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश
📌 निर्माण क्रम (सबसे प्राचीन से नवीनतम):
1️⃣ अरावली पर्वतीय प्रदेश (प्री-कैम्ब्रियन) → 2️⃣ दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (प्लीस्टोसीन प्रारम्भिक) → 3️⃣ पूर्वी मैदानी प्रदेश (क्रिटेशियस) → 4️⃣ पश्चिमी मरूस्थलीय प्रदेश (प्लीस्टोसीन उत्तर)
1️⃣ अरावली पर्वतीय प्रदेश (प्री-कैम्ब्रियन) → 2️⃣ दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (प्लीस्टोसीन प्रारम्भिक) → 3️⃣ पूर्वी मैदानी प्रदेश (क्रिटेशियस) → 4️⃣ पश्चिमी मरूस्थलीय प्रदेश (प्लीस्टोसीन उत्तर)
🏜️ 1. पश्चिमी मरूस्थलीय प्रदेश
यह राजस्थान का सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश है, जिसमें राज्य का लगभग 61.11% (लगभग दो-तिहाई) क्षेत्र शामिल है। क्षेत्रफल ≈ 1.75 लाख वर्ग किमी। यह थार मरुस्थल (Great Indian Desert) का प्रमुख भाग है।
🔹 7000 वर्ष पूर्व (प्लीस्टोसीन हिमयुग) यहाँ वनों की उपस्थिति थी।
🔹 थार मरुस्थल का 62% भाग अकेले राजस्थान में है।
🔹 विश्व का सबसे घना आबादी वाला, सर्वाधिक जैव-विविधता वाला मरुस्थल।
🔹 ग्रेट पेलियो आर्कटिक अफ्रीकी मरुस्थल का पूर्वी भाग।
🔹 यहाँ अवसादी चट्टानों में कोयला तथा पेट्रोलियम पाया जाता है।
🔹 सर्वाधिक दैनिक तापान्तर वाला क्षेत्र।
🔹 मरुस्थलीकरण निरन्तर पश्चिम से पूर्व की ओर — नाचना गाँव (जैसलमेर) उदाहरण।
🔹 50 सेमी वर्षा रेखा इस प्रदेश की पूर्वी सीमा तथा अरावली की पश्चिमी सीमा निर्धारित करती है।
🔹 सामान्य ढाल: उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम (उत्तर-पूर्व ≈300 मी, दक्षिणी भाग ≈150 मी — सबसे निचला)।
🔹 थार मरुस्थल का 62% भाग अकेले राजस्थान में है।
🔹 विश्व का सबसे घना आबादी वाला, सर्वाधिक जैव-विविधता वाला मरुस्थल।
🔹 ग्रेट पेलियो आर्कटिक अफ्रीकी मरुस्थल का पूर्वी भाग।
🔹 यहाँ अवसादी चट्टानों में कोयला तथा पेट्रोलियम पाया जाता है।
🔹 सर्वाधिक दैनिक तापान्तर वाला क्षेत्र।
🔹 मरुस्थलीकरण निरन्तर पश्चिम से पूर्व की ओर — नाचना गाँव (जैसलमेर) उदाहरण।
🔹 50 सेमी वर्षा रेखा इस प्रदेश की पूर्वी सीमा तथा अरावली की पश्चिमी सीमा निर्धारित करती है।
🔹 सामान्य ढाल: उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम (उत्तर-पूर्व ≈300 मी, दक्षिणी भाग ≈150 मी — सबसे निचला)।
📍 मरूस्थलीय जिले (16)
- गंगानगर
- हनुमानगढ़
- बीकानेर
- चूरू
- झुंझुनूं
- सीकर
- जैसलमेर
- जोधपुर
- फलौदी
- बाड़मेर
- बालोतरा
- ब्यावर
- पाली
- नागौर
- डीडवाना-कुचामन
- जालौर
*अरावली के पश्चिम में कुल 17 जिले हैं (सिरोही अरावली के पश्चिम में है, किन्तु मरुस्थलीय नहीं)।
📌 उप-विभाग
क. शुष्क मरुस्थलीय प्रदेश (वर्षा 0-25 से.मी.)
जिले: बीकानेर, जैसलमेर, फलौदी, बाड़मेर, बालोतरा।
• सम (जैसलमेर) – न्यूनतम वर्षा वाला स्थान।
• लाठी सीरीज – जैसलमेर में पोकरण से मोहनगढ़ तक 80 किमी मीठे पानी की भूगर्भिक जलधारा।
• चंदन नलकूप (धार का घड़ा) – लाठी सीरीज के पास।
• आकल वुड फॉसिल पार्क – 18 करोड़ वर्ष पुराने काष्ठ जीवाश्म (जुरासिक युग)।
• बाप बोल्डर (फलौदी) – परमियन-कार्बोनिफेरस काल के हिमानीकृत गोलाश्म।
• हम्मादा (बालूका स्तूप मुक्त/चट्टानी मरुस्थल) – फलौदी, पोकरण एवं बालोतरा के मध्य, पश्चिमी मरुस्थल का 41.50% भाग।
जिले: बीकानेर, जैसलमेर, फलौदी, बाड़मेर, बालोतरा।
• सम (जैसलमेर) – न्यूनतम वर्षा वाला स्थान।
• लाठी सीरीज – जैसलमेर में पोकरण से मोहनगढ़ तक 80 किमी मीठे पानी की भूगर्भिक जलधारा।
• चंदन नलकूप (धार का घड़ा) – लाठी सीरीज के पास।
• आकल वुड फॉसिल पार्क – 18 करोड़ वर्ष पुराने काष्ठ जीवाश्म (जुरासिक युग)।
• बाप बोल्डर (फलौदी) – परमियन-कार्बोनिफेरस काल के हिमानीकृत गोलाश्म।
• हम्मादा (बालूका स्तूप मुक्त/चट्टानी मरुस्थल) – फलौदी, पोकरण एवं बालोतरा के मध्य, पश्चिमी मरुस्थल का 41.50% भाग।
ख. अर्द्धशुष्क मरुस्थलीय प्रदेश (राजस्थान बांगर) (वर्षा 25-50 से.मी.)
जिले: गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, जोधपुर, पाली, जालौर।
उप-क्षेत्र:
• घग्घर का मैदान (गंगानगर-हनुमानगढ़)
• शेखावाटी क्षेत्र (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) – बांगर प्रदेश, जोहड़, कांतली नदी, बीड़ (घास के मैदान)।
• नागौरी उच्च भूमि – शेखावाटी एवं लूणी बेसिन के मध्य (ऊँचाई 300-500 मी); खारे पानी की झीलें (सांभर, डीडवाना, कुचामन)। फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्र – जायल से पुष्कर तक (कुबड़ पट्टी/बांका पट्टी/हींच बेल्ट)।
• गौड़वाड़ प्रदेश / लूणी बेसिन (पाली, बिलाड़ा, जालौर)
• छप्पन की पहाड़ियाँ – मोकलसर (बालोतरा) से सिवाणा तक 56 पहाड़ियाँ।
• नाकोड़ा पर्वत (बालोतरा) – पार्श्वनाथ मंदिर।
• पीपलदू (बालोतरा) – रेगिस्तान का लघु माउंट आबू, हल्वेश्वर महादेव मंदिर।
• मालानी आग्नेय शैल समूह – सिवाणा-जालौर में ग्रेनाइट एवं रायोलाइट, इन्सेलबर्ग रूप।
• सेंदड़ा (ब्यावर) – सर्पाकार चट्टानें।
जिले: गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, जोधपुर, पाली, जालौर।
उप-क्षेत्र:
• घग्घर का मैदान (गंगानगर-हनुमानगढ़)
• शेखावाटी क्षेत्र (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) – बांगर प्रदेश, जोहड़, कांतली नदी, बीड़ (घास के मैदान)।
• नागौरी उच्च भूमि – शेखावाटी एवं लूणी बेसिन के मध्य (ऊँचाई 300-500 मी); खारे पानी की झीलें (सांभर, डीडवाना, कुचामन)। फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्र – जायल से पुष्कर तक (कुबड़ पट्टी/बांका पट्टी/हींच बेल्ट)।
• गौड़वाड़ प्रदेश / लूणी बेसिन (पाली, बिलाड़ा, जालौर)
• छप्पन की पहाड़ियाँ – मोकलसर (बालोतरा) से सिवाणा तक 56 पहाड़ियाँ।
• नाकोड़ा पर्वत (बालोतरा) – पार्श्वनाथ मंदिर।
• पीपलदू (बालोतरा) – रेगिस्तान का लघु माउंट आबू, हल्वेश्वर महादेव मंदिर।
• मालानी आग्नेय शैल समूह – सिवाणा-जालौर में ग्रेनाइट एवं रायोलाइट, इन्सेलबर्ग रूप।
• सेंदड़ा (ब्यावर) – सर्पाकार चट्टानें।
🏜️ बालूका स्तूप (धोरे) एवं शब्दावली
गतिशील धोरे: धरियन (जैसलमेर) । प्रकार: अनुदैर्ध्य, अनुप्रस्थ, अवरोधी, बरखान (सर्वाधिक गतिशील)। आकृति: सीफ, पैराबोलिक (राजस्थान में सर्वाधिक), तारा, शवकाफिल।
📖 शब्दावली: इर्ग (महान मरुस्थल), हम्मादा, रेग, प्लाया, रन/टाट, तल्ली/पोखर, मरहो, खडीन कृषि, बालसन, रोही मैदान, भभुल्या, तली, थली, पीवणा (जहरीला साँप), ढांड।
📖 शब्दावली: इर्ग (महान मरुस्थल), हम्मादा, रेग, प्लाया, रन/टाट, तल्ली/पोखर, मरहो, खडीन कृषि, बालसन, रोही मैदान, भभुल्या, तली, थली, पीवणा (जहरीला साँप), ढांड।
⛰️ 2. अरावली पर्वतीय प्रदेश
कुल लम्बाई
692 किमी (पालनपुर, गुजरात से रायसीना, दिल्ली)
692 किमी (पालनपुर, गुजरात से रायसीना, दिल्ली)
राजस्थान में
550 किमी (खेडब्रहमा से खेतड़ी) – राज्य का 80%
550 किमी (खेडब्रहमा से खेतड़ी) – राज्य का 80%
औसत ऊँचाई
930 मीटर
930 मीटर
उत्पत्ति
प्री-कैम्ब्रियन युग, विश्व की प्राचीनतम वलित एवं अवशिष्ट पर्वतमाला
प्री-कैम्ब्रियन युग, विश्व की प्राचीनतम वलित एवं अवशिष्ट पर्वतमाला
यह राजस्थान को पूर्वी एवं पश्चिमी भागों में विभक्त करती है तथा भारत की महान जल विभाजक रेखा है। मुख्य विस्तार 16 जिलों में।
📌 उप-विभाग
- उत्तरी अरावली (अलवर, जयपुर, सीकर, झुंझुनूं) – चोटियाँ: रघुनाथगढ़ (1055 मी), मालखेत (1052 मी)
- मध्य अरावली (अजमेर-ब्यावर) – तारागढ़ (873 मी)
- दक्षिणी अरावली (उदयपुर, सिरोही, राजसमंद) – गुरुशिखर (1722 मी, सिरोही) – सबसे ऊँची चोटी
✨ विशेषताएँ: सर्वाधिक नदियों का उद्गम, सघन वनस्पति, खनिज सम्पदा, पूर्वी ढाल पर अधिक वनस्पति।
🌾 3. पूर्वी मैदानी प्रदेश
जिले: अलवर, जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ आदि।
चम्बल, बास, बाणगंगा, माही नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ दोमट मिट्टी से निर्मित। सर्वाधिक उपजाऊ प्रदेश — खाद्यान्न का कटोरा। ढाल पूर्व की ओर, सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व।
📌 उप-विभाग
- चम्बल बेसिन – बीहड़ भूमि (करौली = डांग की रानी)
- छप्पन बेसिन / माही बेसिन – छप्पन का मैदान (56 गाँव), वागड़/मेवाड़ क्षेत्र
- बनास बेसिन – मालपुरा-करौली क्षेत्र, तृतीय पैनिप्लेन (ए.एम. हेरॉन)
- बाणगंगा बेसिन – जयपुर-भरतपुर क्षेत्र
🏞️ 4. दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती पठार)
मालवा पठार का उत्तरी भाग। औसत ऊँचाई 500 मीटर। जिले: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
• विंध्यन कगार भूमि (बलुआ पत्थर) – महान सीमा भ्रंश (अरावली-विंध्याचल मिलन)।
• दक्कन लावा पठार – बूंदी की पहाड़ियाँ, मुकुंदरा पहाड़ियाँ, रामगढ़ क्रेटर (उल्का पिण्ड झील)।
• राजस्थान के प्रमुख पठार: उड़िया (1360 मी, सिरोही), भोराट (1225 मी), आबू (1200 मी), मेसा (620 मी) आदि।
• दक्कन लावा पठार – बूंदी की पहाड़ियाँ, मुकुंदरा पहाड़ियाँ, रामगढ़ क्रेटर (उल्का पिण्ड झील)।
• राजस्थान के प्रमुख पठार: उड़िया (1360 मी, सिरोही), भोराट (1225 मी), आबू (1200 मी), मेसा (620 मी) आदि।
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🏜️ राजस्थान : भौतिक विभाजन | 50 MCQ
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