आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना

आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना

आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना

आयुष औषधि – योजना का परिचय

आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना भारत सरकार के Ministry of Ayush द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य आयुष औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है।

इस योजना के अंतर्गत सरकारी एवं निजी आयुष औषधि निर्माण इकाइयों, परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा नियामक संस्थाओं को बुनियादी ढांचे और तकनीकी उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

Ayush Oushadhi Gunvatta Evam Uttpadan Samvardhan Yojana By RajaSthan MADe
Ayush Oushadhi Gunvatta Evam Uttpadan Samvardhan Yojana By RajaSthan MADe

प्रमुख लाभ – आयुष औषधि

🔹 1. अवसंरचना एवं तकनीकी उन्नयन हेतु वित्तीय सहायता

(क) राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश की ASU&H फार्मेसी एवं सार्वजनिक क्षेत्र इकाइयाँ

  • अधिकतम सहायता: ₹6 करोड़ प्रति इकाई

(ख) राज्य/UT की ASU&H औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएँ एवं शोध परिषद प्रयोगशालाएँ

  • अधिकतम सहायता: ₹3 करोड़ प्रति प्रयोगशाला

(ग) निजी ASU&H फार्मेसी

  • परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹3 करोड़

(घ) निजी औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएँ / GMP प्रमाणित इकाइयों की इन-हाउस लैब

  • परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹1.5 करोड़

🔹 2. फार्माकोविजिलेंस (Pharmacovigilance) सहायता

  • दवाओं के दुष्प्रभावों की निगरानी
  • भ्रामक विज्ञापनों की निगरानी

🔹 3. नियामक सुदृढ़ीकरण

CDSCO में आयुष वर्टिकल:

  • प्रोफेशनल चार्ज
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम (₹5 लाख प्रति कार्यक्रम, अधिकतम 3 कार्यक्रम)
  • गुणवत्ता नियंत्रण सामग्री का प्रकाशन
  • ड्रग रेगुलेटरी पोर्टल/वेबसाइट उन्नयन

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राज्य आयुष निदेशालय / राज्य औषधि नियंत्रक:

  • अधिकतम ₹15 लाख प्रति राज्य/UT प्रति वर्ष
  • ऑनलाइन पोर्टल रखरखाव
  • नमूनों का परीक्षण
  • तकनीकी स्टाफ प्रशिक्षण
  • IEC गतिविधियाँ

🔹 4. मानक विकास (Standards Development)

  • आयुष सामग्री के मानक विकसित करने वाली संस्थाओं को
    अधिकतम ₹20 लाख प्रति वर्ष तक सहायता

पात्रता

✔ घटक A (फार्मेसी/प्रयोगशाला)

  • राज्य सरकार की ASU&H फार्मेसी/PSU
  • 3 वर्ष से संचालित GMP-अनुपालन निजी इकाई
  • लाइसेंस प्राप्त सरकारी या शोध परिषद औषधि परीक्षण प्रयोगशाला
  • संबंधित राज्य/UT में कार्यरत ASU&H फार्मेसी होना अनिवार्य

✔ घटक B (फार्माकोविजिलेंस)

  • राष्ट्रीय संस्थान/विश्वविद्यालय/अस्पताल (आयुष मंत्रालय या राज्य सरकार के अधीन)

✔ घटक C (नियामक)

  • राज्य औषधि नियामक प्राधिकरण या लाइसेंसिंग प्राधिकरण

✔ घटक D (मानक विकास)

  • सरकारी या निजी क्षेत्र की चिकित्सा/वैज्ञानिक/मानक विकास संस्था

आवेदन प्रक्रिया (ऑफलाइन)

  1. प्रस्ताव आमंत्रण:
    मंत्रालय वर्ष में दो बार (जनवरी और जुलाई) राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी करता है।
  2. हार्ड कॉपी जमा करना:
    भरा हुआ आवेदन पत्र और सभी दस्तावेज मंत्रालय को भेजें।
  3. सॉफ्ट कॉपी भेजना:
    आवेदन की PDF/Word फाइल ईमेल करें:
    📧 dcc-Ayush@nic.in

आवश्यक दस्तावेज

  • विस्तृत परियोजना प्रस्ताव
  • आवेदन पत्र
  • नियंत्रण प्राधिकरण की अनुशंसा पत्र
  • अन्य स्रोत से वित्तीय सहायता न लेने का प्रमाण
  • वार्षिक प्रगति रिपोर्ट
  • व्यय विवरण एवं उपयोग प्रमाण पत्र
  • ऑडिटेड खातों का विवरण
  • Drugs & Cosmetics Act के अंतर्गत पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • PFMS हेतु बैंक खाता विवरण
  • संस्थान प्रमुख का प्राधिकरण पत्र
  • तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव दस्तावेज

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